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Saturday, January 15, 2011

उत्तराखंड के 18 हजार किसान तीन वैज्ञानिकों के भरोसे

मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक उत्तराखंड को जड़ी-बूटी प्रदेश बनाने का दावा भले ही करें, हकीकत कोसों दूर है। प्रदेश में जड़ी-बूटी की खेती में लगे करीब 18 हजार किसानों की पूरी जिम्मेदारी तीन वैज्ञानिकों पर है। सगंध पौधों की खेती में लगे हजारों काश्तकारों की समस्याओं से निपटने के लिए सिर्फ तीन वैज्ञानिक ही तैनात हैं। ऐसे में किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश में जड़ी-बूटी और सगंध पौधों की खेती में लगे काश्तकार खासे परेशान हैं, क्योंकि उन्हें खेती से संबंधित विभिन्न जानकारी और सुझाव नहीं मिल रहे हैं। किसानों को जड़ी-बूटी की खेती की नई जानकारी देने और उनकी दिक्कतों को हल करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 1993 में हर्बल रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट की स्थापना की। वर्तमान में इस संस्थान में पूरे प्रदेश के करीब 18 हजार किसान पंजीकृत हैं, लेकिन गत 17 साल बीतने के बाद भी यहां कार्यालय स्टाफ के केवत तीन पद ही स्थाई हैं। किसानों की समस्याओं का निराकरण करने वाले वैज्ञानिकों को संविदा पर नियुक्त किया गया है। खास बात यह है कि पैथोलॉजिस्ट, बायोकेमिस्ट, बायोटेक्नोलॉजिस्ट, एग्रोनोमिस्ट जैसे महत्वपूर्ण पद खाली हैं। ऐसे में किसानों को खेती में किसी भी तरह की समस्या होने पर उनका निराकरण नहीं हो पाता है। अधिकारियों की मानें तो हजारों की संख्या में खेती कर रहे किसानों की समस्याओं को जानना ही बहुत मुश्किल है। तकनीकी पदों के रिक्त होने से सबसे अधिक समस्या आ रही है। इसके कारण शोध कार्य भी लंबे समय से ठप पड़े हैं। प्रदेश के 95 ब्लॉकों में से 54 में मास्टर ट्रेनर भी नियुक्त किए गए हैं। साथ ही नए प्रोजेक्ट पर प्रोजेक्ट स्टॉफ भी नियुक्त किया गया है, लेकिन तकनीकी समस्याओं का निराकरण करने वालों के सभी पद रिक्त हैं। हर्बल रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एचआरडीआई) के निदेशक डॉ. आरसी सुंदरियाल का कहना है कि किसानों को बीज, पौध और तकनीकी ज्ञान देने के उद्देश्य से प्रदेश में 62 नर्सरियों की स्थापना की गई है। इस वर्ष 65 और नर्सरियों की स्थापना को स्वीकृति दी गई है। ढांचागत सुविधाएं न होने से किसानों के साथ-साथ संस्थान को भी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। प्रदेश मंत्रिमंडल ने कुछ प्रस्तावों को सहमति दी है। उम्मीद है कि जल्द ही सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी।